CERT-In & BITS Pilani Launch Cybersecurity Program for Professionals

भारत में साइबर सुरक्षा की चुनौतियाँ और तैयारियाँ

डिजिटल दुनिया का विस्तार दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। सरकारी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों और वाणिज्यिक इंडस्ट्री की परिचालन प्रणाली अब इंटरनेट, क्लाउड, मोबाइल एप्स और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स पर निर्भर हैं। स्‍मार्टफोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन व क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार साइबर-सहमति की एक नई पीढ़ी सामने ला रहे हैं। इसी बीच साइबर हमलों की तीव्रता और जटिलता भी बढ़ रही है — डेटा लीक, Ransomware, Phishing, APT (एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट्स), सप्लाई-चेन हमलों जैसी घटनाएँ अब रोज़ाना की खबर बन चुकी हैं।
इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है
CERT-In — यानी भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम — जो इंटरनेट व साइबर जगत की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करती है।

CERT-In का परिचय और राष्ट्रीय भूमिका

CERT-In, जो कि Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के अंतर्गत आती है, 2000 के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 70B के तहत गठित की गई है। इसकी जिम्मेदारी केवल साइबर हमलो पर प्रतिक्रिया देना ही नहीं, बल्कि साइबरको रोकने, निगरानी, रिस्पॉन्स और साइबर प्रतिरोध क्षमता (resilience) बढ़ाने की भी है।
CERT-In फुल टाइम 24×7 हेल्पडेस्क चलाती है जो साइबर घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है। इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं:

  • साइबर हमलों को रोकना और मोनिटर्ड रखना,
  • जोखिम का त्वरित आकलन व प्रतिक्रिया,
  • सुरक्षा गुणवत्ता (Security Quality Management Services) में व्यापक भागीदारी,
  • जोखिमों को समझने व उनसे निपटने की क्षमता बढ़ाना।

इस प्रकार, CERT-In हमारे डिजिटल इंडिया को संरक्षित रखने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ का काम करता है।

साझेदारी: CERT-In और BITS‑Pilani के बीच

हाल ही में CERT-In और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान BITS‑Pilani के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित हुआ है। इस MoU का प्रमुख उद्देश्य है – साइबर सुरक्षा क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों के लिए प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञ प्रतिभाशाली कार्यबल का निर्माण करना।
इस पहल में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • भारत सरकार (MeitY),
  • CERT-In,
  • BITS‑Pilani (Pilani, Goa, Hyderabad और Dubai सहित इसकी सभी कैंपस शाखाएँ),
  • BITS‑Pilani के Centre for Research Excellence in National Security (CRENS), Hyderabad Campus,
  • साथ ही तकनीकी भागीदार Rapifuzz

8 सप्ताहीय पेशेवर विकास कार्यक्रम – प्रमुख बातें

यह 8‑सप्ताहों का Professional Development Program in Cybersecurity प्रमुख रूप से कार्यरत पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है – जिनका ताल्लुक़ हो सकता है:

  • सरकारी विभाग,
  • PSU/Public Sector Units,
  • निजी इंडस्ट्री।

कोर्स प्रारंभ और पंजीकरण

  • शुरुआत: 19 जुलाई 2025 से
  • पंजीकरण: सभी डोमेन से आने वाले पेशेवरों के लिए खुला
  • प्री‑रिक्विज़िट: किसी प्रकार के कोडिंग ज्ञान या पूर्व अनुभव बहुत आवश्यक नहीं है

संचालन की रूपरेखा

  • मोर्चा 1: ऑनलाइन पढ़ाई + केस-आधारित लाइव चर्चा
  • मोर्चा 2: अंतिम हफ्ते में Hyderabad Campus में वेलिडिक्टरी/समापन कार्यक्रम
  • शैक्षणिक नेतृत्व:
    • BITS‑Pilani के सिद्धहस्त प्रोफ़ेसर
    • CERT-In विशेषज्ञ
    • इंडस्ट्री व तकनीकी विश्लेषक
  • तकनीकी प्लैटफ़ॉर्म: Rapifuzz

कोर्स कवर—मुख्य विषय

  1. साइबर खतरे एवं कमजोरियाँ
    प्रकार- परिचय, रियल वर्ल्ड उदाहरण, नेटवर्कों में रिस्क
  2. नेटवर्क सुरक्षा
    फ़ायरवॉल्स, IDS/IPS, VPNs जैसे सुरक्षा उपाय
  3. सुरक्षित संचार एवं क्रिप्टोग्राफ़ी
    एन्क्रिप्शन, डिजिटल सिग्नेचर, PKI संरचना
  4. नीतियाँ, कानूनी रूपरेखा एवं घटना प्रबंधन
    साइबर पॉलिसी, IT Act, GDPR व अन्य अंतरराष्ट्रीय नियम
  5. आधुनिक मुद्दे
    cloud security, mobile device सुरक्षा, APT, IoT-OT सेक्शन
  6. CAPSTONE प्रोजेक्ट
    व्यावहारिक समस्या पर आधारित प्रोजेक्ट; लाइव हस्तक्षेप
  7. समानुपात प्रमाण-पत्र
    कार्यक्रम पूरा करने पर CERT-In + BITS‑Pilani सह-प्रमाण पत्र

CERT-In की विशेष भूमिका

इस साझेदारी में खास बात यह है कि CERT-In ने पहली बार किसी शैक्षणिक संस्थान के साथ मिलकर प्रत्यक्ष रूप से साइबर सुरक्षा कार्यबल निर्माण की पहल शुरू की है। CERT-In:

  • मार्गदर्शन
  • पाठ्यक्रम संरचना
  • विशेषज्ञ सलाह
  • कार्यक्रम में तकनीकी-सैद्धांतिक व व्यवहारिक सहायता

इस पहल का उद्देश्य है कि सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा से जुड़े आवश्यक विषयों पर न केवल तकनीकी ज्ञान हो, बल्कि संकट प्रबंधन क्षमता, नीति समझ, प्रबंधन क्षमता और राष्ट्र-व्यापी सामरिक सोच भी हो।

नेतृत्व की बातें: उनका दृष्टिकोण

Dr. Sanjay Bahl (DG, CERT‑In)

“भारत की साइबर रेसिलिएंस की सच्ची ताकत तब निखरकर सामने आती है, जब हम अत्याधुनिक तकनीक ही नहीं विकसित करते, बल्कि एक जीवंत, उच्च-कुशल प्रतिभा पूल तैयार करते हैं जो डिजिटल और क्वांटम युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो।”

इसके आगे उन्होंने जोड़े:

“CERT-In की घटना‑प्रतिक्रियाशील भूमिका केवल तकनीकी तक सीमित नहीं है; हम मानवीय पूंजी निर्माण के माध्यम से भी योगदान दे रहे हैं — और BITS‑Pilani के साथ यह साझेदारी इस दृष्टि की अभिव्यक्ति है, जिसका उद्देश्य है पेशेवरों को अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा ज्ञान प्रदान कर, उद्योग की मांग और अकादमिक उत्कृष्टता के मध्य एक गहरा समन्वय स्थापित करना।”

Prof. V. Ramgopal Rao (Group Vice‑Chancellor, BITS)

उनका मानना है कि:

“Cybersecurity केवल एक तकनीकी चुनौती नहीं है, यह एक राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए — और यह कार्यक्रम इस त्रिपक्षीय साझेदारी (शासन-शिक्षा-उद्योग) की शक्ति को दर्शाता है। हमें गर्व है कि हम यह पहल CERT-In मार्गदर्शन में ला रहे हैं।”

ये दोनों भाषण हमें यह बताते हैं कि यह सिर्फ एक शैक्षणिक कोर्स नहीं बल्कि देश की साइबर सुरक्षा क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

क्यों यह पहल ज़रूरी और प्रभावशाली है?

1. वर्तमान चुनौतियाँ

डिजिटल डोमेन की सुरक्षा में रोज़मर्रा की चुनौतियाँ: ड्रोन, AI‑स्कैम, रैनसमवेयर, साइबर स्पायिंग।

2. प्रतिभा का अभाव

सरकार, PSU और इंडस्ट्री में साइबरखतरा समझने और उससे निपटने में विशेषज्ञ प्रतिभा की भारी कमी है।

3. राष्ट्रीय रणनीति से मेल

Digital India, Make in India, आत्मनिर्भर भारत — इन पहलों के लेन-देन में साइबर सुरक्षा का मजबूत ताना-बाना आवश्यक है।

4. प्रमुख विश्लेषण/नीति विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

CERT-In का संरचनात्मक प्रशिक्षण, नीति समझ और वास्तविक दुनिया अनुभव इस कोर्स को औसत कोर्स से अलग बनाते हैं।

5. विस्तृत रूप

यह कोर्स तकनीकी, कानूनी, व्यवस्था, नीति और प्रबंधन पहलुओं पर आधारित एक संपूर्ण पैकेज प्रदान करता है।

अपेक्षित प्रभाव और परिणाम

  • डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत सुरक्षा,
  • कार्य पेशेवरों की क्षमता में वृद्धि,
  • सरकारी प्रणाली और PSU में साइबर-सक्षम नेतृत्व,
  • नौकरी और कैरियर के अवसरों में वृद्धि,
  • राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती,
  • आत्म-निर्भर भारत (AtmaNirbhar Bharat) के डिजिटल पहलुओं का ठोस समर्थन।

कोर्स संरचना विस्तार

| हफ्ता | विषय-वस्तु विवरण |
|-------|------------------|
| 1     | साइबर खतरे एवं खामियाँ — APT, ट्रेंड्स, रियल केस स्टडी |
| 2     | नेटवर्क सुरक्षा — फ़ायरवॉल, IDS/IPS, VPNs |
| 3     | क्रिप्टोग्राफ़ी — एन्क्रिप्शन, PKI |
| 4     | इवेंट प्रतिक्रिया — IT Act, ISO Security, अंतर्राष्ट्रीय नीति |
| 5     | क्लाउड सुरक्षा — IaaS/PaaS/SaaS, वर्चुअलाइजेशन की सुरक्षा |
| 6     | मोबाइल और IoT सुरक्षा — मोबाइल OS, एंडपॉइंट सुरक्षा |
| 7     | CAPSTONE प्रोजेक्ट — रियल वर्ल्ड समस्या + प्रस्तुति |
| 8     | वैलिडिक्टरी सेशन — समापन, Q&A, प्रमाण‑पात्र वितरण |

यह पाठ्यक्रम ऑनलाइन मॉड्यूल, केस-आधारित चर्चा, प्रैक्टिकल लेब्स और एक फाइनल वेलिडिक्टरी इवेंट को सम्मिलित करके तैयार किया गया है।

शामिल विशेषज्ञ – एक संक्षिप्त प्रोफ़ाइल

  • BITS‑Pilani प्रोफ़ेसर: कंप्यूटर नेटवर्किंग, साइबर फिजिकल सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल, साइबर कानून में उच्च-स्तरीय शैक्षणिक पृष्ठभूमि।
  • CERT-In विशेषज्ञ: राष्ट्रीय घटनाओं की जांच, साइबर हमला डेटा की समीक्षा, खतरा जांच एवं प्रतिक्रिया सुविधा।
  • इंडस्ट्री विशेषज्ञ: व्यवसाय-आधारित सुरक्षा परिदृश्यों का अनुभव, क्लाउड आर्किटेक्चर, साइबर सुरक्षा स्टैक, जोखिम प्रबंधन।

CRENS – एक परिचय

Center for Research Excellence in National Security (CRENS), Hyderabad, BITS‑Pilani की एक अग्रणी पहल है। इसका उद्देश्य है:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा कैपेबिलिटी का लोकतंत्रीकरण और स्थानिक विस्तार,
  • सरकारी, अकादमिक और उद्योग के बीच सामंजस्य,
  • स्वदेशी टेक्नोलॉजी का विकास,
  • साइबर – भौतिक सुरक्षा समाधान,
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर रेसिलिएंस,
  • सुरक्षा तकनीकी नवाचार,
  • R&D को बढ़ावा।

अंतिम निष्कर्ष: एक ऐतिहासिक क़दम

यह कार्यक्रम केवल BITS‑Pilani या CERT‑In का मुक़दमा नहीं है, बल्कि भारत की साइबर सुरक्षा संरचना का एक राष्ट्रीय हस्तक्षेप कहा जा सकता है।
यह एक सामूहिक प्रयास है — तकनीशियनों, पॉलिसी विशेषज्ञों, शिक्षा जगत एवं उद्योग की सहभागिता से तैयार एक रूपरेखा जिसमें भविष्य की रणकौशल, विश्लेषण और खतरा-प्रबंधन की क्षमता निहित है।

यदि आप सरकारी विभाग, PSU या इंडस्ट्री में कार्यरत हैं और साइबर सुरक्षा की दुनिया में अपनी भूमिका को सामरिक रूप देना चाहते हैं, यह 8‑सप्ताह का कार्यक्रम आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।

…आपका अगला कदम

  • पंजीकरण: जल्द से जल्द
  • शुरुआत: 19 जुलाई 2025
  • डिग्री: CERT‑In + BITS‑Pilani संयुक्त प्रमाण-पत्र
  • समय और टेंटेटिव शुल्क: कार्यक्रम पेज पर उपलब्ध

सुरक्षित भारत के निर्माण में आपका स्वागत है!

🔚 अनिवार्य लिंक (जानकारी के लिए)

  • CERT-In – आधिकारिक वेबसाइट
  • BITS‑Pilani और CRENS – संस्थागत जानकारी
  • Rapifuzz – तकनीकी सहयोगी

“भारत आज डिजिटल क्रांति की ओर अग्रसर है; इन पहलों के माध्यम से न केवल तकनीकी मजबूत होंगे, बल्कि हमें एक साइबर-सुरक्षित भविष्‍य की रचना में योगदान करने वाले विशेषज्ञों की उपज भी होगी।”

जय हिन्द!

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