हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नई यात्रा सलाह: लोगान एयरपोर्ट से बचें, सोशल मीडिया पर रहें सावधान
आज के समय में जब दुनिया पूरी तरह से जुड़ी हुई है और विदेशों में पढ़ाई का सपना लाखों छात्रों के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य होता है, ऐसे में अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था से जुड़ी खबरें हर छात्र के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को एक खास सलाह दी है, जो उनकी विदेश यात्रा और अमेरिका में प्रवेश से जुड़ी है। विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों से कहा है कि वे अमेरिका के बोस्टन स्थित लोगान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बजाय न्यूयॉर्क के जेएफके या अन्य बड़े हवाई अड्डों का चयन करें। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भी खास सतर्कता बरतने को कहा है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि हार्वर्ड ने ये सलाह क्यों दी है, क्या वजहें हैं इस फैसले के पीछे, छात्रों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, और अमेरिकी सरकार के साथ हार्वर्ड के संबंध किस मोड़ पर हैं। तो चलिए, इस पूरी परिस्थिति को समझते हैं।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की चेतावनी का कारण क्या है?
हार्वर्ड ने हाल ही में अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को सलाह दी है कि वे बोस्टन के लोगान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका प्रवेश करने में सतर्क रहें। दरअसल, इस हवाई अड्डे पर जांच प्रक्रिया कड़ी होती जा रही है, खासकर उन छात्रों के लिए जो विदेश से आ रहे हैं। जांच का दायरा इतना व्यापक है कि छात्रों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की समीक्षा की जा रही है, साथ ही उनके फोन, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच हो रही है।
इसलिए, हार्वर्ड ने सुझाव दिया है कि छात्र ऐसे बड़े हवाई अड्डों का चयन करें जहाँ जांच की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम जटिल हो, जैसे न्यूयॉर्क का जेएफके एयरपोर्ट, शिकागो का ओ’हारे या लॉस एंजिल्स का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा। यह सलाह हार्वर्ड के अंतरराष्ट्रीय कार्यालय और लॉ स्कूल के इमिग्रेशन सहायता समूह द्वारा आयोजित एक निजी कॉल में दी गई थी।
सोशल मीडिया पर खास ध्यान देने की जरूरत क्यों?
सिर्फ हवाई अड्डे पर जांच ही नहीं, बल्कि अमेरिका में प्रवेश के लिए वीज़ा प्रक्रिया के दौरान भी आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स का विश्लेषण किया जाता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई सामग्री को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा देखा जा सकता है।
हार्वर्ड के अधिकारियों ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वे अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर बेहद सतर्क रहें। कोई भी पोस्ट, चाहे वह हल्का-फुल्का मजाक हो या किसी राजनीतिक विषय पर राय, अमेरिका के अधिकारियों को गलत लग सकती है। खासतौर पर अगर आपकी पोस्ट “फिलिस्तीनी समर्थक”, “यहूदी विरोधी” या “अमेरिका के खिलाफ अपमानजनक” मानी जाए, तो यह आपके अमेरिका में प्रवेश के लिए खतरा बन सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच: क्या है नियम?
अमेरिका में सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) के अधिकारी आपकी व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट आदि की जांच कर सकते हैं। यह जांच आपकी यात्रा के दौरान की जा सकती है, और यदि इन डिवाइसेज में कुछ संदिग्ध सामग्री पाई जाती है, तो आपको अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया जा सकता है।
हार्वर्ड के अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने उपकरणों को अत्यधिक निजी या विवादास्पद सामग्री से मुक्त रखें। साथ ही, डिवाइस को सफाई करने के प्रयास से भी बचें क्योंकि ऐसा करने से अधिकारियों को शक हो सकता है कि आप छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी और चीनी छात्रों के लिए विशेष सावधानियां
हार्वर्ड ने विशेष रूप से ईरान और चीन के छात्रों को और भी ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी है। हार्वर्ड लॉ स्कूल के इमिग्रेशन व शरणार्थी क्लिनिक के वकील जेसन कोरल ने कहा कि ईरानी छात्रों को बोस्टन के लोगान एयरपोर्ट से गुजरने से बचना चाहिए क्योंकि वहां उनकी जांच काफी कड़ी होती है।
हालांकि, अभी यह पूरी तरह से साफ नहीं है कि कौन सा हवाई अड्डा बेहतर है, लेकिन कोरल ने जेएफके, ओ’हारे और लॉस एंजिल्स को बेहतर विकल्प माना है। इससे ये स्पष्ट होता है कि अमेरिका में कुछ हवाई अड्डों पर विदेशी छात्रों की जांच ज्यादा सख्त हो रही है, खासकर उन देशों से आने वाले छात्रों के लिए जिनके संबंध अमेरिका के साथ तनावपूर्ण हैं।
STEM और AI विषय के छात्र विशेष सतर्क रहें
हार्वर्ड ने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित (STEM) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े विषयों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा है। क्योंकि इन क्षेत्रों में काम करने वाले छात्रों की जांच अधिक गहराई से की जाती है, संभव है कि उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
इसका कारण यह है कि सरकार को यह चिंता है कि ऐसे क्षेत्र सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हो सकते हैं और यहां विदेशी छात्रों की गतिविधियों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी समझा जाता है।
हार्वर्ड और ट्रम्प प्रशासन के बीच जारी तनाव
यह सलाह और चेतावनी एक ऐसे राजनीतिक माहौल में आई है, जहां हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ट्रम्प प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ट्रम्प प्रशासन ने कई बार हार्वर्ड के विदेशी छात्रों को लेकर सख्त कदम उठाने की कोशिश की है।
सरकार ने विश्वविद्यालय की विदेशी छात्रों को दाखिला देने की क्षमता को चुनौती दी, साथ ही संघीय अनुसंधान निधि में भारी कटौती की। इसके अलावा, प्रशासन ने हार्वर्ड की कर-मुक्त स्थिति पर भी सवाल उठाए। शुरुआत में यह आलोचना यहूदी-विरोधी भावना से जुड़ी लगती थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने हार्वर्ड के विविधता कार्यक्रमों और कथित राजनीतिक पूर्वाग्रहों को भी निशाना बनाया।
यह सब मिलकर अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अमेरिका में शिक्षा की राह को थोड़ा मुश्किल बना रहा है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह: यात्रा से पहले क्या करें?
- सोशल मीडिया की सफाई करें: यात्रा से पहले अपनी सोशल मीडिया पोस्ट्स की समीक्षा करें। ऐसी कोई भी पोस्ट हटाएं जो विवादास्पद या असंवेदनशील लग सकती है।
- डिवाइस को साफ करें, लेकिन ज़्यादा सफाई से बचें: फोन और लैपटॉप को अवांछित सामग्री से मुक्त रखें, लेकिन डिवाइस को पूरी तरह साफ करने से बचें ताकि अधिकारियों को शक न हो।
- वीजा और इमिग्रेशन नियम समझें: वीज़ा प्रक्रिया में क्या-क्या दस्तावेज और जानकारी आवश्यक हैं, इसकी जानकारी रखें। यदि संभव हो तो इमिग्रेशन से जुड़े वकीलों या विश्वविद्यालय के सहायता समूह से सलाह लें।
- उचित हवाई अड्डा चुनें: जहां तक संभव हो, बोस्टन के लोगान एयरपोर्ट की बजाय न्यूयॉर्क, शिकागो या लॉस एंजिल्स जैसे हवाई अड्डों का चयन करें।
- विशेष विषयों के छात्र अधिक सावधान रहें: STEM और AI से जुड़े छात्र अपनी गतिविधियों को लेकर और भी सतर्क रहें।
अंतरराष्ट्रीय छात्र जो अमेरिका में शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखते हैं, उनके लिए यह समय कई चुनौतियों से भरा है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की हालिया सलाह और चेतावनी इस बात की तरफ इशारा करती है कि अमेरिका में प्रवेश के दौरान छात्रों को अपने व्यवहार और डिजिटल पहचान पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
यह सलाह सिर्फ एक सतर्कता नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम भी है, ताकि छात्रों को अनावश्यक परेशानी और परेशानी से बचाया जा सके। साथ ही, यह स्थिति अमेरिका में शिक्षा और राजनीतिक वातावरण की जटिलताओं को भी दर्शाती है।
यदि आप भी अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छात्र हैं, तो इस सलाह को गंभीरता से लें और अपनी यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए उचित कदम उठाएं।
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(यह लेख पूरी तरह से आपके दिए गए स्रोत के आधार पर तैयार किया गया है, लेकिन इसे पूरी तरह से नई भाषा और शैली में लिखा गया है ताकि यह प्लेज़ियर फ्री और पढ़ने में सहज हो।)