अमेरिका में एक बार फिर राजनीति का पारा चढ़ा हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहुचर्चित टैक्स और खर्च से जुड़ी बजट योजना अब दोबारा अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रज़ेंटेटिव्स (निचले सदन) में पहुंच चुकी है। ट्रंप ने सांसदों को 4 जुलाई तक का समय दिया है कि वे इस बिल को अंतिम रूप देकर उनके पास भेजें ताकि वो इसे कानून का रूप दे सकें। लेकिन यह इतना आसान नहीं लग रहा।
इस बजट बिल को मंगलवार को बड़ी मुश्किल से सीनेट (उच्च सदन) से पास कराया गया। दिलचस्प बात यह रही कि वोट बराबरी पर अटक गए थे और फिर उप-राष्ट्रपति जेडी वांस ने टाई-ब्रेकर वोट डालकर इसे मंजूरी दिलवाई। 24 घंटे से ज्यादा चली बहस और पार्टी के अंदर ही विरोध के बावजूद बिल को सीनेट से पास करा लिया गया, लेकिन असली लड़ाई अब हाउस में है।
ट्रंप के लिए क्यों है यह बिल इतना अहम?
यह बजट बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण नीति है। अगर इसे मंजूरी नहीं मिली तो उनके पूरे आर्थिक एजेंडे को झटका लग सकता है। यही वजह है कि वे हर हाल में 4 जुलाई तक इस पर मुहर चाहते हैं।
लेकिन मुश्किल यह है कि रिपब्लिकन पार्टी के अंदर ही इस बिल को लेकर तीखा मतभेद है। पार्टी के कुछ धड़े इसे राष्ट्रीय घाटे में इजाफा करने वाला और गरीबों के खिलाफ मान रहे हैं।
कौन-कौन कर रहा है इस बिल का विरोध?
बिल के विरोध में तीन मुख्य वर्ग उभरे हैं:
1. वित्तीय अनुशासन वाले (Deficit Hawks)
इन सांसदों का मानना है कि यह बजट बिल देश के वित्तीय हालात को और खराब कर देगा। कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) के अनुसार, सीनेट से पास हुए बिल से अगले 10 वर्षों में अमेरिका का राष्ट्रीय घाटा $3.3 ट्रिलियन तक बढ़ सकता है। यह राशि पहले से पास हुए हाउस संस्करण से भी अधिक है, जो $2.8 ट्रिलियन का अनुमान लगाता था।
साउथ कैरोलाइना से सांसद राल्फ नॉर्मन, जो हाउस फ्रीडम कॉकस के सदस्य हैं, ने इस बिल को ‘अविवेकपूर्ण’ बताया और साफ कहा कि वो इसका समर्थन नहीं करेंगे। टेक्सास से सांसद चिप रॉय ने भी ट्रंप की 4 जुलाई की समयसीमा पर सवाल उठाए हैं।
फ्रीडम कॉकस के चेयरमैन एंडी हैरिस ने कहा कि एलन मस्क जो कह रहे हैं वो बिल्कुल सही है — “हम इतने घाटे को बरकरार नहीं रख सकते।”
2. मेडिकेड के रक्षक (Medicaid Guardians)
बजट बिल में सबसे विवादित हिस्सों में से एक है — स्वास्थ्य सेवाओं पर कटौती। खासकर “मेडिकेड”, जो अमेरिका के गरीब वर्ग के लिए सबसे अहम हेल्थ प्रोग्राम है, उस पर तलवार लटक रही है।
कैलिफोर्निया से डेविड वलाडाओ जैसे रिपब्लिकन सांसद खुलकर कह चुके हैं कि वो किसी भी ऐसे बिल का समर्थन नहीं करेंगे जो मेडिकेड में भारी कटौती करे या हेल्थकेयर सेवाओं की स्थिरता को खतरे में डाले।
सीनेट के संस्करण में स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा गहरी कटौती की गई है। CBO की रिपोर्ट के अनुसार, इस बजट के लागू होने से 2034 तक लगभग 1.2 करोड़ अमेरिकियों की स्वास्थ्य बीमा योजना छिन सकती है। जबकि हाउस के पुराने संस्करण में यह संख्या 1.1 करोड़ थी।
फ्लोरिडा के सांसद रैंडी फाइन ने भले ही बिल से असहमति जताई हो, लेकिन यह भी कहा कि “परफेक्ट का इंतज़ार करते हुए हमें अच्छे को नहीं छोड़ना चाहिए।”
3. राज्य टैक्स (SALT) कटौती वाले सांसद
बजट बिल का एक और अहम हिस्सा है — SALT टैक्स कटौती, यानी राज्य और स्थानीय करों पर मिलने वाली राहत। वर्तमान में SALT कटौती की सीमा $10,000 है, जो इस साल खत्म हो रही है। हाउस और सीनेट, दोनों ने इसे $40,000 तक बढ़ाने की सिफारिश की है। लेकिन सीनेट के अनुसार यह राहत सिर्फ 5 वर्षों के लिए होगी, उसके बाद यह वापस $10,000 पर आ जाएगी।
यह बदलाव उन राज्यों के सांसदों के लिए चिंता का विषय है जहां राज्य कर ज्यादा होते हैं, जैसे न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया आदि। ओहायो के सांसद वॉरेन डेविडसन ने कहा, “भविष्य में कटौती का वादा करना, असल में अभी खर्च कम करना नहीं है।”
राजनीतिक संकट या अवसर?
इस बजट बिल को लेकर जितना बवाल हो रहा है, वह दिखाता है कि ट्रंप की पार्टी के भीतर ही नीतियों को लेकर गहरी खाई है। लेकिन यह कोई पहली बार नहीं है। पहले भी जब ट्रंप के प्रस्तावों पर विवाद हुआ है, तब पार्टी अंत में उनके साथ आ खड़ी हुई है।
अब बड़ा सवाल यह है — क्या इस बार भी ऐसा ही होगा?
सीनेट में उप-राष्ट्रपति की मदद से पास हुआ बिल, अब हाउस में पहुंच चुका है। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन इसे बुधवार को ही वोट में लाना चाहते हैं। मई में जब इस बिल का पहला संस्करण हाउस में लाया गया था, तब सिर्फ एक वोट से पास हो पाया था।
अब जब सीनेट ने इसमें कई बदलाव कर दिए हैं — खासकर खर्चों में कटौती और मेडिकेड जैसे प्रोग्राम में बदलाव — तो देखना होगा कि हाउस इसे स्वीकार करता है या फिर दोबारा संशोधित कर लौटाता है।
आम जनता पर क्या होगा असर?
इस पूरे विवाद का सीधा असर अमेरिका के करोड़ों नागरिकों पर पड़ेगा। टैक्स में कटौती के साथ-साथ अगर सामाजिक योजनाओं में भारी कटौती होती है तो गरीब, बुज़ुर्ग और स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
खासकर अगर मेडिकेड और ओबामाकेयर जैसी योजनाओं में कटौती होती है, तो ग्रामीण और गरीब क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं और भी कठिन हो जाएंगी।
SALT टैक्स कटौती की बहस से मध्यम वर्ग प्रभावित होगा, विशेष रूप से उन राज्यों में जहां स्थानीय कर ज्यादा हैं।
क्या 4 जुलाई तक मंजूरी मिल पाएगी?
ट्रंप ने 4 जुलाई की डेडलाइन तय की है, जो अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस होता है। इस प्रतीकात्मक दिन पर वे इस बजट को कानून बनाकर अपनी जीत को जनता के सामने पेश करना चाहते हैं।
लेकिन अंदरूनी कलह, विचारधारात्मक मतभेद और आगामी चुनावों की चिंता, सबकुछ मिलकर इस रास्ते को कठिन बना रहे हैं।
अगर ट्रंप की पार्टी इस बिल को पास कराने में विफल रहती है, तो यह उनके नेतृत्व की क्षमता पर सवाल खड़ा कर सकता है। लेकिन अगर वे विरोधी धड़ों को साथ लाकर इस बिल को पारित करा लेते हैं, तो यह उनके लिए बड़ी राजनीतिक जीत साबित हो सकती है।
आप क्या सोचते हैं? क्या ट्रंप अपनी डेडलाइन तक बजट पास करवा पाएंगे या फिर पार्टी की अंदरूनी खींचतान उनके रास्ते की सबसे बड़ी दीवार बन जाएगी?
आपका क्या नजरिया है इस मुद्दे पर? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।